ई-गवर्नेंस (ई-शासन)
नालंदा, बिहार के उन अग्रणी जिलों में से एक है, जिसने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) तथा ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिले में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP) के अंतर्गत संचालित योजनाओं सहित विभिन्न ई-गवर्नेंस कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक लागू किया गया है।
ई-गवर्नेंस का रोडमैप
निस्संदेह, ई-गवर्नेंस नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और प्रभावी शासन व्यवस्था स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। आवश्यक बुनियादी ढाँचे और नीतियों की व्यवस्था होने के बाद, बिहार सरकार (GoB) ने विभिन्न कार्यात्मक विभागों तथा उनके अधीनस्थ संगठनों की जानकारी उनकी संबंधित वेबसाइटों के माध्यम से प्रदर्शित एवं सार्वजनिक करके नागरिकों तक सूचना पहुँचाने को व्यापक रूप से बढ़ावा दिया है।
जिला नालंदा की आधिकारिक वेबसाइट https://nalanda.nic.in/ नागरिकों को शासन के विभिन्न पहलुओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराती है।
नालंदा जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP) के इस दृष्टिकोण के अनुरूप स्वयं को तैयार किया है:
“सभी सरकारी सेवाओं को आम नागरिक के स्थानीय क्षेत्र में सामान्य सेवा वितरण केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध कराना तथा ऐसी सेवाओं की दक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना, ताकि आम नागरिक की बुनियादी आवश्यकताओं को किफायती लागत पर पूरा किया जा सके।”
जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी (DeGS)
जिला स्तर पर ई-गवर्नेंस की विभिन्न पहलों को लागू करने के लिए जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी (DeGS) का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर द्वारा की जाती है।
यह सोसायटी सभी संबंधित हितधारकों को एक मंच प्रदान करती है, जहाँ वे जमीनी स्तर पर ई-गवर्नेंस सेवाओं के क्रियान्वयन और वितरण पर चर्चा कर सकते हैं तथा मिलकर कार्य कर सकते हैं।
यह सोसायटी अन्य कार्यान्वयन एवं सहयोगी एजेंसियों के साथ निकट समन्वय स्थापित करके कार्य करती है और जिले में संचालित ई-गवर्नेंस गतिविधियों की निगरानी करती है।